मोदी – जिनपिंग (Modi-Jinping ) की खास मुलाकात, क्या आतंक पर होगा प्रहार ?

आज तमिलनाडु के महाबलीपुरम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच एक अनौपचारिक मुलाकात हुई। आपको बता दें की शी जिनपिंग भारत के दो दिन के दौरे पर आज चेन्नई पहुंचे जहा उनका जोरदार स्वागत हुआ।

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Modi-Jinping
Narendra Modi - Xi Jinping

आज तमिलनाडु के महाबलीपुरम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच एक अनौपचारिक मुलाकात हुई। आपको बता दें की शी जिनपिंग भारत के दो दिन के दौरे पर आज चेन्नई पहुंचे जहा उनका जोरदार स्वागत हुआ।

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चेन्नई से जिनपिंग सीधे महाबलीपुरम पहुंचे जहा उनकी मोदी से अनौपचारिक मुलाकात हुई। दरअसल मोदी जी ने आज का दिन सिर्फ अनौपचारिक मुलाकात और भारतीय संस्कृति और स्थापत्य कला से परिचय करने के लिए रखा और कल औपचारिक मुलाकात होगी जिसके बाद शी जिनपिंग चीन रवाना हो जायेंगे ।अनुमान लगाया जा रहा है की कल यह मुलाकात बहुत ही दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी ।

आज मोदी जिनपिंग को तमिलनाडु के ऐतिहासिक नगर महाबलीपुरम ले गए और ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को दिखाया । सबसे पहले उन्हें अर्जुन की तपस्थली (यूनेस्को द्वारा विश्व की सांस्कृतिक धरोहर घोषित – UNESCO World Heritage) ले गए और उसके बाद दोनों पंचरथ मंदिर गए जहा पर दोनों ने दोस्ती की मिसाल कायम करते हुए नारियल पानी पिया, बाद में दोनों वह से शोर मंदिर (shore temple ) गए जो की एक प्रसिद्द जगह है और पर्यटन का आकर्षण केंद्र है । बाद में दोनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया जिसमे शी जिनपिंग को भारत की सांस्कृतिक विविधताओं से रूबरू कराया गया, मोदी खुद जिनपिंग को हर चीज़ के बारे में विस्तार से समझा रहे थे ।

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आपको एक दिलचस्प बात बता दें की मोदी ने इस पूरी मुलाकात के दौरान तमिलनाडु की पारम्परिक वेश भूषा (सफ़ेद कमीज और लुंगी या वेस्टी) पहन राखी थी जिसने पुरे तमिलनाडु की जनता का दिल जीत लिया ।

आपको बता दें की मोदी-जिनपिंग (Modi – Jinping)की मुलाकात इतनी महत्वपूर्ण है की चीन (China) के सबसे बड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है की इक्कीसवीं सदी में चीन और भारत (china and India) दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं और इसमें भारत की भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता ।

पूरी दुनिया की नज़र इस वक़्त मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी है और अनुमान लगे जा रहा है की कूटनीतिक और व्यापारिक मसलों पर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं और कई समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जिसमे आतंकवाद पर निर्णायक लड़ाई जैसे अहम् मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं और हो सकता है की दोनों देश आतंकवाद पर कोई साझा बयान जारी कर सकते हैं ।