एक सप्ताह में डॉलर के मुकाबले रुपए में 0.6% की तेजी

टैक्स कटौती से रुपए के कैरी ट्रेड का रिटर्न और आकर्षक हुआ, टैक्स कटौती के बाद तीन दिनों में 37.4 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ

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ek saptaah mein dolar ke mukaabale rupe mein 0.6% kee tejee
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टैक्स कटौती से रुपए के कैरी ट्रेड का रिटर्न और आकर्षक हुआ, टैक्स कटौती के बाद तीन दिनों में 37.4 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ

सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स कटौती का फायदा रुपए पर भी देखने को मिल रहा है। निवेशक विदेशी बाजार से कम ब्याज दर पर कर्ज लेकर भारत की ऊंची यील्डिंग वाले एसेट में निवेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार ने बाजार सेंटिमेंट और अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ाने के लिए टैक्स कटौती के जरिए उद्योग जगत को 1.45 लाख करोड़ रुपए की राहत दी थी।

कॉरपोरेट टैक्स कटौती के बाद मात्र तीन दिनों में भारतीय स्टॉक मार्केट में 374 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है. और एक सप्ताह में डॉलर के मुकाबले रुपए में 0.6% की तेजी देखने को मिली है। यूबीएस ग्रुप एजी और कोटक सिक्युरिटीज के मुताबिक टैक्स कटौती के कारण कैरी ट्रेड स्ट्रेटीज में रुपया और आकर्षक हो गया है। यूबीएस में एक्सपर्ट है।

रोहित अरोड़ा का कहना है कि कॉरपोरेट टैक्स कटौती ग्रोथ बढ़ाने और सेंटिमेंट को बढ़ाने के लिए की गई रणनीति है।
यूबीएस के हिसाब से रुपए के कैरी ट्रेड के लिए यह अच्छा है और इससे निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव भी कम रहेगा। हालांकि ब्लूमबर्ग इंडेक्स के मुताबिक वैश्विक मंदी के भय ने उभरते बाजारों के ऊपर असर डाला है। भारत भी पिछले छह साल में अपनी सबसे कम विकास दर की समस्या से जूझ रहा है और इस कारण विदेशी फंड के वापस जाने और रुपए के कमजोर होने का भी भय पैदा हो रहा है। कोटक सिक्युरिटीज में करेंसी एनालिस्ट अनिंदा बनर्जी का कहना है कि ग्रोथ को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों से रुपया कैरी ट्रेड करेंसी में प्राथमिकता पर है। यूएस-चीन के बीच ट्रेड वॉर से निवेशक युआन पर शॉर्ट और रुपए पर लॉन्ग स्ट्रेटजी ले रहे हैं, इससे उनको फायदा मिल रहा है।

करेंसी कैरी ट्रेड निवेशकों की पसंद

इस साल दुनिया में नकारात्मक कर्ज के दोगुना होकर 15 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है, ऐसे में निवेशक करेंसी संबंधित रणनीति अपना रहे हैं जिससे अधिक से अधिक यील्ड हासिल की जा सके। यील्ड देने के मामले में भारतीय सॉवरेन बॉन्ड प्रमुख एशियाई बाजार में दूसरे नंबर हैं। कैरी ट्रेड में निवेशक कम यील्ड वाली करेंसी जैसे येन या यूरो में कर्ज लेते हैं और उसे ऊंची दर वाली करेंसी में बदल देते हैं। स्टॉक्स में ज्यादा फंड बढ़ने से करेंसी का मूल्यांकन बढ़ता है और विदेशी निवेशकों को ऊंचा रिटर्न मिलने में मदद मिलती है। डॉलर में कर्ज लेकर रुपए से संबंधित एसेट्स में लंबी अवधिं की रणनीति से एशिया में अच्छा रिटर्न मिला है। रुपए का प्रदर्शन मुख्यतौर पर स्टॉक में आने वाले फंड पर भी निर्भर करता है।

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